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स्टॉक मार्केट में एआरसी इंसुलेशन की मजबूत एंट्री, लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में लगा लोअर सर्किट

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नई दिल्ली, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । हाई-परफॉरमेंस ग्लास फाइबर रीइंफोर्स्ड पॉलीमर कंपोजिट प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी एआरसी इंसुलेशन एंड इंसुलेटर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत की। हालांकि लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण कुछ ही देर में कंपनी के शेयरों पर लोअर सर्किट लग गया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 125 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 16 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 145 रुपये के स्तर पर हुई। मजबूत लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण कुछ ही देर में कंपनी के शेयर फिसल कर 137.75 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों का मुनाफा घट कर 10.20 प्रतिशत रह गया।

एआरसी इंसुलेशन एंड इंसुलेटर्स का 41.19 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 25 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 18.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 15.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 24.84 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 17.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 38.06 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फैक्ट्री शेड लगाने, नया ऑफिस स्पेस खरीदने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 6.10 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 8.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 16 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 33.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी पर कर्ज में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 5.30 करोड़ रुपये, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में घट कर 2.78 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज एक बार फिर बढ़ कर 5.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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(Udaipur Kiran) / योगिता पाठक

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