ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चल रहा नीडम ओवरब्रिज का मामला अब गहराने लगा है। ब्रिज के शुरू होने को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी लगाई गई है। जिस पर जल्दी ही सुनवाई की जाएगी। आपको बता दें कि नीडम ओवरब्रिज का काम बीते 2017 में शुरू हुआ था। लेकिन प्रशासन की लेट लतीफी और लापरवाही के चलते इस ब्रिज को तैयार होने में 9 साल लग गए। नहीं हो रहा उद्घाटनब्रिज पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसके बाद भी कोई न कोई बहाना बनाकर इस ब्रिज को शुरू होने से पहले रोड़ा लगाया जाता है। इसी बात को लेकर जब एडवोकेट अवधेश तोमर द्वारा इस पुल को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई गई है। जल्दी ही होगी सुनवाईएडवोकेट तोमर का कहना है कि पुल पूरी तरह से तैयार हो चुका है। फिर भी इसे शुरू नहीं किया जा रहा है। आखिर प्रशाशन क्यों इस पुल को शुरू करने में देरी कर रहा है। सभी कारणों का पता लगाने के लिए जनहित याचिका लगाई गई है। तोमर की मानें तो पुल की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है मगर कुछ राजनीतिक आपसी मतभेदों के कारण उस पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। पुल से मिलेगा लाभनीडम ओवरब्रिज के शुरू होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था तो सुधरेगी ही साथ ही बाहर से आने वालों को भी फायदा होगा। ओवरब्रिज के शुरू होने से शहर के कई मार्गों का ट्रैफिक कम हो जाएगा। लेकिन राजनीतिक रसूखदारों को आमजन की सुविधा से क्या लेनदेन। क्योंकि उनके आने पर तो रास्ते खाली कर दिए जाते हैं। फिर उन्हें ट्रैफिक में चिलचिलाती धूप में खड़े होने का दर्द क्या पता। शायद उनका राजनीतिक वर्चस्व उन्हें वोट देने वाली जनता से कहीं बड़ा है। लोगों ने खुद ही कर दिया था शुरू, प्रशासन ने किया बंदआपको बता दें कि इस ब्रिज को कुछ दिन पहले परेशान जनता ने खुद ही शुरू कर दिया था। इस पर आवागमन भी होने लगा था। लेकिन प्रशासन ने कभी टेस्टिंग तो कभी स्ट्रीट लाइटिंग का नाम लेकर इसे बंद कर दिया था। लेकिन इन सब का विरोध जनता अब करने लगी है। कई समाजसेवी और विपक्ष द्वारा इस ब्रिज को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा जा रहा है।
You may also like
बदल गए जमीन की रजिस्ट्री के नियम, जल्दी से कर लीजिए चेक Property Registry Rules ⁃⁃
पश्चिम बंगालः 25 हज़ार शिक्षकों की भर्ती रद्द करने के फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद क्या कह रहे हैं प्रभावित लोग?
थाईलैंड और भारत में सोने की नदियाँ: मुफ्त में सोना पाने का अनोखा मौका
राजसमंद के पिपलांत्री गांव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बी.आर. गवाई, पर्यावरण मॉडल की खुलकर की सराहना
राहुल गांधी का झुका सिर शर्म से नीचे, यह नेता ने की नीच हरकत, चार साल तक किया शोषण ⁃⁃