मनीष सिंह, नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में दो महिलाएं ठगी का शिकार हुई हैं। पहले मामले में नोएडा के सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी में रहने वाले पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी से करीब एक करोड़ तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि निवेश के नाम पर आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। आरोपियों में निजी बैंक के सीईओ और उनके परिचालन प्रबंधक शामिल हैं। आरोपियों में एक दंपति भी है। ठगी का शिकार हुई कर्नल की पत्नी ने थाना सेक्टर-113 में निजी बैंक के सीईओ, परिचालन प्रबंधक और चार नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया है। वहीं, दूसरे मामले में एक महिला से छह लोगों ने मिलकर 10 लाख 71 हजार 196 रुपये ठग लिए। महिला ने आठ साल पहले एक व्यावसायिक प्रोजेक्ट बुक किया था। लेकिन उसे समय पर प्रॉपर्टी का पजेशन नहीं मिला। क्या है मामला?थाना पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी में रहने वाली 74 वर्षीय अमिता चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पति वीके चतुर्वेदी का निधन हो चुका है। वे सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्होंने कुछ एफडी और दूसरे निवेश किए थे। इनके मैच्योर होने के बाद राशि जब उनके अकाउंट में आई तो आशीष चंद्रा ने कॉल कर उन्हें रकम निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने की सलाह दी। आरोपी ने निवेश से होने वाले मुनाफे के बारे में कर्नल और उनकी पत्नी को सूचना दी। उन्होंने आरोपियों की बातों में आकर हामी भर दी। इसके बाद आरोपी उनके पास चेक लेकर पहुंचा और निवेश से जुड़ी लिस्ट पकड़ा दी। हालांकि, इससे सम्बंधित उनको कोई दस्तावेज नहीं दिया गया। पैसे निवेश न करने का आरोपअमिता चतुर्वेदी अपने रुपये संबंध में जानकारी लेने के लिए 21 मार्च को वह बैंक पहुंची तो हैरान रह गई। वहां उनको पता चला कि उनके रुपये कहीं निवेश ही नहीं किए गए। इस बारे में उन्होंने बैंक में शिकायत की। उनकी ओर से किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हुई। वह बैंक के कई दिनों तक चक्कर काटती रहीं। किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।पीड़िता को किसी ने भी सही जानकारी नहीं दी। निवेश के नाम पर आरोपी पीड़िता से चेक लेता था। इनमें से कुछ चेक उसने ब्लैंक लिए तो कुछ अपनी पत्नी कृतिका प्रसाद के नाम पर लिए। महिला का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने बीच में एक बार 2 लाख 25 हजार रुपये का प्रॉफिट भी दिखाया। पत्नी के एकाउंट में डाला रुपयेनिवेश के नाम पर रुपये लेकर आरोपी ने उसे पत्नी के अकाउंट में फर्जी तरीके डाला। महिला का आरोप है कि इतनी बड़ी धोखाधड़ी बिना वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से नहीं हो सकती है। पीड़ित महिला को आरोपी आशीष चंद्रा ने कई बैंक क्विटी में निवेश के पेपर भी दिए थे। अब पीड़िता ने इस मामले में आशीष चंद्रा, उनकी पत्नी कृतिका प्रसाद, विकास गुप्ता, अनुभव सिन्हा, निजी बैंक के परिचालन प्रबंधक और निजी बैंक के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। निजी बैंक में मुख्य आरोपी रिलेशनशिप मैनेजर है। व्यवसायिक प्रोजेक्ट पजेशन मामले में ठगीदूसरे मामले में एक महिला से छह लोगों ने मिलकर 10,71,196 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि व्यावसायिक प्रोजेक्ट बुक करने के बाद आरोपियों ने मिलीभगत कर ठगी की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना एक्सप्रेसवे में मुकदमा दर्ज हुआ है। जल्द ही पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ करेगी। कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कानपुर नगर के नौबस्ता की रहने वाली मालती सिंह ने कहा कि लगभग आठ साल पहले वर्ष 2018 में उन्होंने एक विज्ञापन देखा। मालती सिंह ने कहा कि विज्ञापन में ओह माय गॉड व्यावसायिक प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी थी। इसके बाद महिला इस संबंध में बायावेयर और अलीशा इंफ्राटेक के ऑफिस गई। वहां उसे इस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। ऑफिस में बैठे लोगों ने वादा किया कि प्रॉपर्टी का पजेशन वर्ष 2022 तक हर हाल में दे दिया जाएगा। प्रॉपर्टी के लिए महिला ने 10 लाख 71 हजार रुपये से अधिक दे दिए। रुपये देने के बाद रिटेल स्पेस का एग्रीमेंट हो गया। तय समय पर महिला को पजेशन नहीं मिला। कुछ दिनों बाद कंपनी की ओर से साया सीमेंटेशन नाम की कंपनी का प्रोजेक्ट बेचने की सूचना मिली। मौके पर जब महिला पहुंची तो सुरक्षाकर्मियों ने उससे अभद्रता करते हुए वहां से गाली देकर भगा दिया। प्रोजेक्ट बेचने का आरोपमहिला का आरोप है कि जिस कंपनी से उन्होंने अपने स्पेस को बुक किया था, उसने अपने पूरे प्रोजेक्ट को बेच दिया। तो नई कंपनी ने पुरानी बुकिंग को कैंसिल कर दिया। मालती का आरोप है कि इस प्रकार की ठगी सिर्फ उसके साथ नहीं हुई है। ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जिनके साथ ठगी हुई है। इस मामले में महिला ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उसने कोर्ट की शरण ली। अब न्यायालय के आदेश पर मैसर्स बायावेयर और अलीशा इंफ्राटेक के निदेशक योगेश मलिक, अरुण कुमार, अनिल रावत के अलावा साया सीमेंटेशन के निदेशक विकास भसीन, शिवराज सिंह नेगी और रोहित बंसल पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
You may also like
इयर बड का उपयोग: कान के लिए हानिकारक कारण
अनेक बीमारियों का रामबाण इलाज है ये फल, पढ़ें इससे जुड़े अनोखे फायदे‹ ⁃⁃
नाखून बाल को कितना भी काट लो, रद्दी भर भी दर्द नहीं होता, जाने ऐसा क्यों‹ ⁃⁃
यदि पैरों में दिख रहे हैं ये 5 संकेत तो लिवर हो गया है खराब. अभी करें पहचान वरना हो जाएगी बड़ी अनहोनी‹ ⁃⁃
गुड़ बनाम चीनी: स्वास्थ्य के लिए कौन बेहतर है?