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Coal Supply: रेकार्ड गर्मी पड़ने वाली है, लेकिन नहीं होगी कोयले की किल्लत, जान लीजिए सरकार की तैयारी

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नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन या धरती की तापमान में बढ़ोतरी का असर यहां भी दिखने लगा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार फरवरी के महीने में सर्दी का मौसम रहता है। लेकिन इस साल पहली बार 25 फरवरी को गोवा और महाराष्ट्र के लोगों ने लू के थपेड़े झेले। इसी को देखते हुए कहा जा रहा है कि इस साल मई-जून में रेकार्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी। चाहे गर्मी जितनी भी बढ़े, इस बार कोयले की कमी की वजह से बिजली की किल्लत नहीं होगी। बिजली घरों के पास पर्याप्त कोयलाकेंद्रीय कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि इस बार चाहे गर्मी कितनी भी पड़े, बिजली घरों में कोयले की बिल्कुल कमी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आमतौर पर एक अप्रैल को बिजली घरों के पास 17 से 18 मिलियन टन का ओपनिंग स्टॉक होता था। इस साल एक अप्रैल को बिजली घरों के पास 55 मिलियन टन कोयले का स्टॉक है। यही नहीं, कोल इंडिया और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय होने से कोयले की ढुलाई में भी कोई व्यवधान नहीं है। यहां तक कि प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भी किसी बिजली घर के पास कोयले की कोई कमी नहीं थी। वह 11वें एशियन माइनिंग कांग्रेस के सिलसिले में बात कर रहे थे। इसका आयोजन इसी साल 30 से 31 अक्टूबर के बीच कोलकाता में हो रहा है। इस साल ज्यादा पड़ेगी गर्मीभारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि इस साल देश में कुछ ज्यादा ही गर्मी पड़ेगी। अनुमान है कि इस साल देश के नॉर्थ-वेस्ट राज्यों यानी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली में हीटवेव (लू) के दिनों की संख्या दोगुनी होने की आशंका है। आमतौर पर अप्रैल से जून के महीनों में लगातार 5-6 दिन लू चलती है, लेकिन इस बार 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर आ सकते हैं। फरवरी में ही लू ने दे दी है दस्तकदेश भर में तापमान बढ़ने के साथ इस साल फरवरी में ही लू ने दस्तक दे दी है। इतना ही नहीं हाल के वर्षों की तुलना में इस बार रातें भी पहले ही गर्म होने लगी हैं। 25 फरवरी, 2025 को गोवा और महाराष्ट्र ने भारत में इस साल की पहली लू का सामना किया। यह पहली बार है जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा परिभाषित सर्दियों के मौसम (जनवरी-फरवरी) में लू चली है। आईएमडी ने पुष्टि की है कि पिछले 125 वर्षों में फरवरी में कभी इतनी गर्मी नहीं पड़ी जितनी इस साल 2025 में दर्ज की गई है। क्या है सरकार की तैयारीपिछले साल गर्मी के मौसम में प्रोजेक्टेड पीक डिमांड 250 गीगावाट की थी। इसी हिसाब से तैयारी की गई थी। लेकिन पीक डिमांड 250 मेगावाट की ही हुई। इस साल गर्मी में प्रोजेक्टेड पीक डिमांड 270 मेगावाट की है। इसी हिसाब से बिजली घरों में कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कोयला सचिव का कहना है कि अन्य सालों के मुकाबले इस साल बिजली घरों में कोयले का स्टॉक ज्यादा है। साथ ही ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि गर्मी के मौसम में बिजली घरों को पर्याप्त कोयला मिलता रहे।
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