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मध्य प्रदेश में 8वें वेतन आयोग की संभावित सिफारिशें: कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत

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केंद्र सरकार का 8वां वेतन आयोग


केंद्र सरकार का 8वां वेतन आयोग जल्द ही कार्य शुरू करेगा, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन में बड़ी बढ़ोतरी मिलने की संभावना है। इस घोषणा ने मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में भी उम्मीदें जगा दी हैं, क्योंकि उन्हें भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।


कर्मचारियों के मन में सवाल

कर्मचारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर केंद्र सरकार 8वां वेतनमान लागू करती है, तो महंगाई भत्ता और उनकी पूरी सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा? जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में हर महीने 19,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।


हालांकि, मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वां वेतनमान लागू होने में समय लगेगा। इस खबर में संभावित सैलरी का अनुमान लगाया गया है, जो केंद्र के समान होगी। विभिन्न पदों और अनुभव के अनुसार वेतन में वृद्धि की उम्मीद है।


आठवें वेतनमान का लाभ कब मिलेगा?

केंद्र सरकार का 8वां वेतन आयोग अप्रैल में गठित होगा। आयोग कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति, महंगाई और जीवन यापन के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर सैलरी में बदलाव की सिफारिश करेगा। इसके गठन के बाद, आयोग अपने कार्य को शुरू करेगा।


अगर हम पुराने रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो आयोग को वेतनमान की सिफारिशें सरकार को भेजने में एक से डेढ़ साल का समय लगता है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतनमान का लाभ 2026 के बाद ही मिल पाएगा।


आठवें वेतनमान से कितनी बढ़ेगी सैलरी?

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, उस दौरान आयोग ने फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना बढ़ाया था। इस वजह से बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 17,990 रुपये हो गई थी। फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर है, जो महंगाई, कर्मचारियों के प्रदर्शन आदि कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है।


उदाहरण के लिए, अगर मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये है और नया फिटमेंट फैक्टर 2.60 के करीब होता है, तो नई बेसिक सैलरी 39,000 रुपये हो सकती है।


हालांकि, राज्य सरकार केंद्र सरकार की तरह वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने के लिए बाध्य नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति केंद्र सरकार से अलग होती है।


वेतन आयोग क्या होता है?

वेतन आयोग एक महत्वपूर्ण निकाय है जो सरकारी कर्मचारियों के वेतन संरचना की समीक्षा करता है। इसका मुख्य उद्देश्य महंगाई, प्रदर्शन और अन्य कारकों के आधार पर सैलरी स्ट्रक्चर में सुधार की सिफारिश करना है। हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन होता है, और वर्तमान में केंद्र सरकार का आठवां वेतनमान आयोग कार्यरत है।


मध्य प्रदेश में सैलरी में बढ़ोतरी

8वें वेतनमान की सिफारिशों को लागू होने में एक साल से ज्यादा का वक्त लग सकता है। ऐसे में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के बराबर लाभ मिलना फिलहाल संभव नहीं है।


हाल ही में मध्य प्रदेश की सरकार ने कर्मचारियों के कई भत्तों को बढ़ाया है, लेकिन ये फिर भी केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर नहीं हैं। माना जा रहा है कि 8वां वेतनमान लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी 19,000 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ सकती है। वहीं, मध्य प्रदेश में ये लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी 11,000 रुपये तक बढ़ सकती है।


मध्य प्रदेश में भत्तों में बढ़ोतरी

मध्य प्रदेश की सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को 13 साल बाद 13 तरह के भत्तों में लाभ दिया है। इसमें महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस समेत कई भत्ते शामिल हैं, लेकिन कर्मचारी संगठन इससे संतुष्ट नहीं हैं।


कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि 13 साल बाद भत्ते बढ़ाए गए हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। अगर ये भत्ते केंद्र के हिसाब से बढ़ाए गए होते, तो कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलती।


मध्य प्रदेश में DA की स्थिति

मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के DA की बात करें, तो छठे वेतनमान की तुलना में सातवें वेतनमान में सैलरी में 14% की बढ़ोतरी हुई थी। वर्तमान में DA 50 प्रतिशत मिल रहा है। अगले साल 8वें वेतनमान की सिफारिशें लागू होने पर DA 60 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।


इस दौरान कर्मचारियों को 3 प्रतिशत का परफॉर्मेंस इंक्रीमेंट भी दिया जा सकता है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की सैलरी में बंपर बढ़त हो सकती है।


महंगाई भत्ते का मुद्दा

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बढ़ाए गए महंगाई भत्ते से अब प्रदेश के कर्मचारियों को 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। कर्मचारी संगठनों की मांग थी कि 50 प्रतिशत से ज्यादा DA होने पर इसे बेसिक सैलरी से जोड़ दिया जाए।


हालांकि, सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया था। सरकार का तर्क था कि ऐसा करने से प्रदेश की सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।


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